उज्जैन। शहर में औद्योगिक विकास के लिए सरकार ने बीते 10 वर्षों में साल दर साल सैकड़ों निवेशकों के साथ बैठकें कीं, मगर यहां एक भी बड़ा उद्योग स्थापित न करा सकी। ऐसे में न रोजगार के अवसर बढ़े और ना ही शहर का औद्योगिक गौरव। बांदका, फिर ताजपुर में विकसित नई उद्योगपुरियों का हश्र भी सबके सामने है।from Nai Dunia Hindi News - madhya-pradesh : ujjain https://ift.tt/2MR7Jmd
No comments:
Post a Comment