उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाकवि कालिदास प्रेम, प्रकृति और ाृंगार रस के एक महान नाटककार और कवि थे। उन्होंने ऐसी रचनाएं की, जो बेहद लुभावनी हैंष उनमें अलौकिक प्रेम है। शब्दों में प्रेम बयां नहीं हो सकता, ये महाकवि बता गए। नाट्यमंचन में ऐसे कई संवाद होते जो अधूरे बोले जाते हैं पर अभिनेता अनकही बात भी अपने गुणों से दर्शक तक पहुंचा देfrom Nai Dunia Hindi News - madhya-pradesh : ujjain https://ift.tt/36bfKtw
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