उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वर्षाकाल समाप्त हुए दो महीने गुजरने को आए हैं, पर मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में खान का प्रदूषित जल मिलना बंद नहीं हुआ है। नतीजतन त्रिवेणी से आगे शिप्रा मैली है। जल दूषित है। 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का पर्व स्नान है। कोरोना काल के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में पूर्णिमा पर भी लोगों को नहाfrom Nai Dunia Hindi News - madhya-pradesh : ujjain https://ift.tt/2KKnnPh
No comments:
Post a Comment